Home उत्तर प्रदेश कोरोना का लॉकडाउन और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ने दबा दिया किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा

कोरोना का लॉकडाउन और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ने दबा दिया किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा

by Shrinews24
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कोरोना का लॉकडाउन और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव ने दबा दिया किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा ।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने ” धरना प्रदर्शन ” कर , बजाज की गोला चीनी मिल पर बीते वर्ष के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान 27 फरवरी 2021 को दिलाने के बाद 7 मार्च से पेराई सत्र 2020 – 21 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की शुरुआत कराई , तब से चीनी मिल ने किसानों को नहीं दी एक भी कौड़ी ।

बिडम्बना है , कि किसानों के अनुसार , बजाज ग्रुप की ही चीनी मिल पलिया कला और खंभार खेड़ा ने किसानों को अब तक नहीं दिया पेराई सत्र 2020 – 21 का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान ।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ,
समाचार —
गोला गोकर्णनाथ ( खीरी ) , राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने कहा है कि सरकार के अनुसार पूरे देश में कोरोनावायरस का भयंकर प्रकोप है युवा नौजवान मर रहे हैं और किसान उसकी परवाह न करते हुए खेतों से अन्न उपजाकर देश को खिलाने काम कर रहा है किंतु किसानों द्वारा उपजाई गई फसल का दाम उद्योगपतियों एवं व्यापारियों द्वारा ना देकर किसानों का शोषण किया जा रहा है । किसानों के बताए अनुसार " बजाज ग्रुप " की चीनी मिल पलिया कला और खंभार खेड़ा ने किसानों को बीते सत्र 2019 - 20 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पेराई सत्र प्रारंभ के लगभग 19 महीना बाद अदाकर गन्ना अधिनियम माननीय हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर दंडनीय अपराध किया है तथा पेराई सत्र 2020 - 21 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान पेराई सत्र आरंभ होने के छः माह बीत जाने के बाद भी अब तक किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं दिया गया है , जो घोर निंदनीय है । संगठन के जिला अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने कहा कि बजाज ग्रुप की चीनी मिल गोला गोकर्ण नाथ पर बीते वर्ष 2019 - 20 एवं 2020 - 21 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में संगठन के धरना प्रदर्शन किये जाने व एस डी एम अखिलेश यादव के हस्तक्षेप करने के बाद 8 मार्च से किसानों के खातों में एक फूटी कौड़ी तक नहीं दी है । जो बजाज ग्रुप की तीनों चीनी मिलें गन्ना अधिनियम और माननीय हाईकोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन कर दंडनीय अपराध कर रही है और प्रदेश की योगी सरकार मौन रहकर कान में तेल डालें बैठी है । * जब कि बजाज ग्रुप की चीनी मिलों के किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न दिए जाने से और चीनी मिलों के विरुद्ध किसान संगठनों के धरना प्रदर्शन किये जाने को देखते हुए प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने मार्च 2021 को आरसी जारी करने को समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया था किंतु आज तक न ही किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया गया और न ही बजाज ग्रुप की किसी भी चीनी मिल के विरुद्ध आरसी जारी की गई है ।

  • संगठन के जिलाध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा की चेतावनी है कि यदि बजाज ग्रुप की पलिया कला , खम्भार खेड़ा और गोला चीनी मिलों ने जल्द बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं दिया फिर संगठन बड़े रूप की रणनीति तैयार कर आन्दोलन करने को विवश होगा ।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने बजाज ग्रुप की चीनी मिल गोला गोकर्णनाथ पर बीते सत्र 2019 – 20 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को 7 मार्च 2021 को पूर्ण रूप से किसानों के खातों में भिजवा कर , 8 मार्च 2021 से किसानों के खातों में धरना प्रदर्शन के एवं एसडीएम गोला अखिलेश यादव के हस्तक्षेप से किसानों के खातों में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान भिजवाया गया किंतु विडंबना है के संगठन के धरना प्रदर्शन के बाद से अब तक किसानों के खातों में एक भी फूटी कौड़ी नहीं दी गई है। इसका कौन जिम्मेदार है जो किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किसानों के खातों में भिजवाये ।

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