Home उत्तर प्रदेश श्री कृष्ण के जीवन से सीखनी होगी जीवन जीने की कला: कुसुम कुमार बाजपेई, कथावाचक

श्री कृष्ण के जीवन से सीखनी होगी जीवन जीने की कला: कुसुम कुमार बाजपेई, कथावाचक

by Shrinews24
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श्री कृष्ण के जीवन से सीखनी होगी जीवन जीने की कला: कुसुम कुमार बाजपेई, कथावाचक

श्री न्यूज़ 24 दैनिक आदिति समाचार पत्र
बांके गंज खीरी
संवाददाता रमेश कुमार चौहान

सुख दुःख में समान बने रहने का संदेश देता है श्री कृष्ण का जीवन

  • विपरीत परिस्थितियों में भी विनम्रता का संदेश दिया जीवन भर
    बाँकेगंज खीरी। बाँकेगंज राधा कृष्ण मंदिर में दोपहर के समय श्री कृष्ण को कराया गया पंचामृत स्नान। श्रद्धालुओं ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव के दिन मंदिर पहुंचकर किया भजन कीर्तन। मंदिर के पुजारी और कथावाचक कुसुम कुमार बाजपेई ने इस दौरान श्री कृष्ण के गुणों को जीवन उतारने का दिया संदेश।
    गौरतलब है कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी सोमवार की शाम पूरे देश में मनाई गई। इस दिन स्थानीय राधाकृष्ण मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया। राधा कृष्ण की प्रतिमाओं का श्रृंगार किया गया तथा बालकृष्ण की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराया गया। मंदिर के पुजारी इस दौरान मंत्रोच्चार करते रहे। पंचामृत स्नान के बाद उन्होंने उपस्थित कृष्ण भक्तों को संबोधित करते हुए बताया कि श्री कृष्ण का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए आदर्श है। यह अलग बात है कि हम उनके गुणों को किस तरह देखते हैं। बचपन से ही विपरीत परिस्थितियों के बावजूद श्री कृष्ण ने कभी भी विनम्रता का त्याग नहीं किया। राजा होते हुए भी उन्होंने अर्जुन का सारथी बनना स्वीकार किया। युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ में सभी की जूठी पत्तलें उठाने और सफाई करने का कार्य किया। इस कार्य में भी उन्होंने असीम सुख पाया। यह करके उन्होंने संदेश दिया कि सेवा परम आदर्श है। दूसरों के प्रति वह सद्भाव है जो लोक कल्याण को साकार करता है। बलवान होते हे भी उन्होंने अपनी शक्ति का कभी दुरुपयोग नहीं किया। उन्होंने कभी भी अपने को राजा के रुप में प्रस्तुत नहीं किया उन्होंने सभी के साथ समान व्यवहार किया। राजा होते हुए भी गरीब मित्र को सम्मान देकर गरीबी और अमीरी के बीच की दूरी को मिटाने का संदेश दिया। सुख दुख में समान रहने का संदेश देते हुए श्री बाजपेई ने कहा कि श्रीकृष्ण ने सुख में कभी खुशी नहीं व्यक्त की तो दुःखों में कभी रोये नहीं। कभी अपनी प्रियजन की मृत्यु पर कोई शोक नहीं व्यक्त किया। कभी किसी की याद में आँसू नहीं बहाया सदैव एक ही भाव से रहे, मुस्कुराते रहे। उनका जीवन संसार के बंधनों से आसक्ति मुक्त रहने का संदेश भी देता है। रात्रि में नैमिषारण्य से पधारी मानस मोहिनी ने श्री कृष्ण के जन्म की कथा सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया रात्रि 12 बजे नंद के आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की गीत के साथ जन्मोत्सव मनाया गया।
    स्थानीय बाँकेगंज पुलिस चौकी में पहली बार मनायी गयी जन्माष्टमी। पुलिस चौकी को स्थापित हुए लगभग 35 वर्ष से भी अधिक समय हो चुका है किन्तु शायद ही कभी आयोजन हुआ हो। चौकी इंचार्ज के के यादव ने जन्माष्टमी के लिए पूरी व्यवस्था करायी। सुन्दर काण्ड पाठ का आयोजन कराया गया। अमीन नगर से आये लोक कलाकारों ने लोकगीतों के माध्यम से श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। झांकियां भी प्रस्तुत की गयी।पुलिस चौकी में भंडारे का भी किया गया आयोजन।

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