Home उत्तर प्रदेश क्यों चढ़ाया जाता है भोलेनाथ को दूध, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

क्यों चढ़ाया जाता है भोलेनाथ को दूध, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

by Shrinews24
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क्यों चढ़ाया जाता है भोलेनाथ को दूध, जानिए धार्मिक और वैज्ञानिक कारण

श्री न्यूज 24/ साप्ताहिक अदिति न्यूज़
ध्रुव ज्योति नन्दी, वाराणसी

वाराणसी: भगवान शिवजी के रुद्राभिषेक में दूध का विशेष प्रयोग होता है। दूध को धर्म के और मन प्रभाव के दृष्टिकोण से सात्विक समझा जाता है। इसमें भी गाय का दूध सर्वाधिक पवित्र और अच्छा माना जाता है। शिवलिंग का दूध से रुद्राभिषेक करने पर मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सोमवार के दिन दूध का दान करने से चन्द्रमा मजबूत होता है। जल में थोड़ा सा दूध डालकर स्नान करने से मानसिक तनाव दूर होता है और चिंताएं कम होती हैं। आइये जानते है शिवलिंग पर दूध को क्यों चढ़ाते है।
पौराणिक कारण :
1. पौराणिक कथा के अनुसार जब समुद्र मंथन हुआ तो सबसे पहले उसमें से विष निकला। इस विष से संपूर्ण संसार पर विष का खतरा मंडराने लगा। इस विपत्ति को देखते हुए सभी देवता और दैत्यों ने भगवान शिव से इससे बचाने की प्रार्थना की। क्योंकि केवल भगवान शिव के पास ही इस विष के ताप और असर को सहने की क्षमता थी। तब भगवान शिव ने संसार के कल्याण के लिए बिना किसी देरी के संपूर्ण विष को अपने कंठ में धारण कर लिया। विष का तीखापन और ताप इतना ज्यादा था कि भोले बाबा का कंठ नीला हो गया और उनका शरीर ताप से जलने लगा।
जब विष का घातक प्रभाव शिव और शिव की जटा में विराजमान देवी गंगा पर पड़ने लगा तो उन्हें शांत करने के लिए जल की शीतलता कम पड़ने लगी। उस वक्त सभी देवताओं ने भगवान शिव का जलाभिेषेक करने के साथ ही उन्हें दूध ग्रहण करने का आग्रह किया ताकि विष का प्रभाव कम हो सके। सभी के कहने से भगवान शिव ने दूध ग्रहण किया और उनका दूध से अभिषेक भी किया गया।

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