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प्रधानमंत्री आवास योजना का नहीं मिल पा रहा पात्रों को लाभ

by Shrinews24
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प्रधानमंत्री आवास योजना का नहीं मिल पा रहा पात्रों को लाभ

रामपुरा विकास खंड में सहायक विकास अधिकारियों की मनमानी

राहुल कुमार गुप्ता
ब्रजेन्द्र गुप्ता
उरई जालौन

उरई तहसील माधौगढ़ के अंतर्गत ब्लाक रामपुरा क्षेत्र में सचिवों एवं अधिकारियों की कई ग्रामो से आ रही आवास की शिकायतों को लेकर लगता है कि वह अपनी मनमानी करने से कभी बाज नहीं आयेगें।
विश्वास सूत्रों की मानें तो पता चला कि (सचिव) साहव बगैर सुबिधा शुल्क के प्रधान मंत्री आबास योजना का लाभ किसी गरीब को नही देना चाहते है क्यों कि सचिव लोग गांव में सम्पन्न एवं रसूकदार को पात्रता श्रेणी में पैसो के बलबूते पर अधिकांश लोगों को चयनित कर देना उनकी आम आदत में सुमार है जबकि जो लोग लाभ के पात्र है उन्हें इस श्रेणी से वंचित रखा जाता है और उन्हें विना किसी जांच के अपात्र कर दिया जाता है। अगर ग्रामीणों की मानें तो उनका का कहना है जब भी अपनी हम बात सचिव से कहते है तो वो कहते है कि सुबिधा शुल्क दो हमारी कलम में बहुत ताकत है मैं क्या कर दू उनका नाम तो लखनऊ से होकर आया है और अब आगे देखेंगे तुम्हारे बारे में सोचेंगे अगर सुबिधा शुल्क देते हो तो अन्यथा तुम कही भी शिकायत करो हमारा कुछ नही होगा।जिसको लेकर पूर्व प्रधानों ने सचिवो के साथ अच्छी खांसी साठ-गांठ की थी और लोगो से आवास दिलाने के नाम पर पैसे भी लिए थे कि हम तुम्हे आवास दिल देंगे जिसको लेकर पूर्व प्रधान अपने सचिवो से सिस्टम लगाने को लेकर ब्लॉक में चक्कर लगाते रहते है ये समस्या ज्यादातर उन गांव में है जहाँ पर पूर्व के सचिवो को वर्तमान समय मे स्थानांतरित नही किया गया। जिसके चलते सचिव पूर्व प्रधानो के कार्य को करने के लिए मजबूर है। दरअशल ये योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबो को पक्के मकान देने का प्रयास है। जिसको प्रधानमंत्री द्वारा जमीनी सतह पर उतार दिया।लेकिन गरीब आज भी झोपड़ी में रहने को मजबूर है 20 प्रतिशत झोपड़ी में रहने वालों को मिला है आवास और सोच और प्रयास को सचिव ब्लॉक स्तरीय अधिकारी पलीता लगाने से नही चूक रहे है जबकि अभी हाल ही में एक गांव में सेक्टर प्रभारी एवं सचिव के द्वारा आठ आवासों की जांच की गई थी ।सेक्टर प्रभारी एडीओ समाज कल्याण बसंत लाल यादव ने आठ आवासों की जांच की जिसमें चार अनुसूचित जाति एवं दो मध्य वर्ग व दो सामान्य के नाम सम्मलित थे। जिनमें चार के पक्के मकान मौजूद जांच टीम ने पाए।जिसमे एक सामान्य जाति के पास चार कमरे, बाथरूम, लैट्रिन मौके पर मिले लेकिन वो इधर उधर से एडी चोटी का जोर लगाकर आवास का पैसा अपने खाते में चाहते है ये दरअसल पूर्णता गलत है वही ग्रामीणों का कहना है कि जिले की ईमानदार एवं न्यायप्रिय जिला अधिकारी से जांच की मांग की और ऐसे लोगो पर कार्यवाही की मांग की जिसमे प्रधानमंत्री आवास योजना लाभ पात्रों को ही मिल सके ।

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