Home उत्तर प्रदेश दारु ना मिलने पर पत्रकार ने युवक को मोहरा बनाकर चौकी इंचार्ज पर लगाए मिथ्या आरोप

दारु ना मिलने पर पत्रकार ने युवक को मोहरा बनाकर चौकी इंचार्ज पर लगाए मिथ्या आरोप

by Shrinews24
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दारु ना मिलने पर पत्रकार ने युवक को मोहरा बनाकर चौकी इंचार्ज पर लगाए मिथ्या आरोप


श्री न्यूज़ 24/आदित्य न्यूज़
चंद्र प्रकाश पाण्डेय
सीतापुर

पत्रकारिता को धूमिल करने वाले पत्रकार अपना लालच सिद्ध न होने पर किसी पर भी मिथ्या आरोप लगाने से पीछे नहीं हटते। ऐसा ही एक मामला कमलापुर थाना क्षेत्र के मास्टर बाग चौकी का सामने आया। विगत दिनों पूर्व तथाकथित दबंग24 के पत्रकार विनोद कुमार मास्टर बाग चौकी थाना कमलापुर के अंतर्गत एक शराब की दुकान पर काम करने वाले युवक के घर पर शराब लेने पहुंचा। जब युवक ने बताया कि अभी सुबह के 8 बजे है और अभी शराब बेचने का समय नहीं हुआ है तथा वह इस समय शराब नहीं दे सकता। इस समय शराब देना कानूनन सही नहीं है। इस पर पत्रकार साहब उसको अपनी पत्रकारिता का रौब दिखाने लगे। पत्रकार साहब ने युवक को समझा-बुझाकर तथा डरा धमका कर उससे बयान लिया की मास्टर बाग चौकी इंचार्ज निराला तिवारी ने उनसे ₹15000 लिया तथा चौकी पर ले जाकर अवैध कच्ची शराब पकड़ा कर उनका वीडियो बनाया। यह बयान लेने के बाद पत्रकार साहब ने चौकी इंचार्ज के खिलाफ मुहिम छेड़ दी और इस बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया। जब इसकी सूचना अन्य मीडिया कर्मियों को हुई तो इसकी सत्यता की पड़ताल करने युवक के पास पहुंचे। तब युवक ने बताया कि पत्रकार साहब के कहने पर उसने ऐसा बोला था किंतु वाकई ऐसा कुछ हुआ ही नहीं था। उसने बताया कि पत्रकार साहब रात में दुकान बंद होने के बाद शराब लेना चाह रहे थे। तब युवक ने कहा था कि वह इस समय शराब नहीं दे सकता हैं। यदि इस समय शराब बेचते हुए चौकी इंचार्ज साहब ने या आबकारी अधिकारी ने पकड़ लिया तो ₹15000 तक जुर्माना हो सकता है.
तथाकथित पत्रकार विनोद कुमार चौकी इंचार्ज निराला तिवारी से व्यक्तिगत रंजिश के तहत उनकी छवि को धूमिल कर रहे हैं। ऐसे लोग ना सिर्फ पत्रकारिता को धूमिल करते हैं बल्कि पत्रकार जगत को भी शर्मिंदा करते हैं। अब देखना यह है की सत्यता उजागर होने के बाद जिला प्रशासन ऐसे फर्जी एवं भ्रामक खबर चलाने वाले पत्रकार पर क्या कार्रवाई करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार जब से चौकी इंचार्ज निराला तिवारी ने मास्टर बाग चौकी की कमान संभाली है तब से अपराध की दर काफी कम हुई है एवं लोगों में पुलिस के प्रति मित्रता का व्यवहार जागृत हुआ है। ऐसे नेक एवं ईमानदार पुलिस अधिकारी पर इस प्रकार के मिथ्या आरोप लगाना बिल्कुल गलत है। ऐसे लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

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