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पलिया ब्लॉक में थारू जनजाति का तेजी से होता ईसाईकरण

by Shrinews24
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पलिया ब्लॉक में थारू जनजाति का तेजी से होता ईसाईकरण।

श्री न्यूज24/दैनिक अदिति न्यूज
राजू सिंह
पलिया कलां खीरी

बहुत ही जल्दी हिन्दुविहीन होने के कगार पर पहुंचा पलिया का थारू क्षेत्र।

शीघ्र नष्ट हो सकती है थारू संस्कृति।

लगभग डेढ़ साल से लॉक डाउन का पूरा फायदा उठाया मिशनरियों ने।
अबतक दस चर्चों की स्थापना हो चुकी है थारू क्षेत्र में जबकि थारू क्षेत्र में इतने मन्दिर भी अबतक नहीं हैं।
थारू समाज के व्यक्तियों के ईसाई बनने के अहम कारण धन का लालच, अंधविश्वास व अशिक्षा आदि हैं।
थारू क्षेत्र में तेजी ईसाई धर्म फैलाने में इन तीन की अहम भूमिका है।
भीरा का कैथोलिक चर्च जो समय समय पर थारू जनजाति के लोगों को धन व धन का लालच पूरा करता है।
पलिया का सेनटेन्स स्कूल व कुछ अन्य मिशनरी के लोग जो थारुओं में अंधविश्वास को लेकर यीसु के प्रति विश्वास पैदा करते हैं जैसे ये लोग बुखार जुकाम, खांसी दर्द आदि की अच्छी से अच्छी एलोपैथिक दवाई को पीसकर पुड़िया बना लेते हैं और उसके ऊपर यीसु का प्रसाद लिखकर बीमारी से संबंधित व्यक्ति को खिलाकर ठीक कर देते हैं और फिर यीसु का चमत्कार कहकर दिमाग का ब्रेनवाश करते हैं।
पलिया स्थिति एक समुदाय विशेष के कांग्रेस पार्टी के छुटभैया नेता जो किसी भी ईसाई बने थारू समाज के व्यक्तियों का कोई भी काम तहसील, थाना, ब्लॉक इत्यादि जगहों पर जाकर पूरा करवाते हैं।सन 1997 में थारू क्षेत्र के नझोटा गांव का थारू रामकिशन राना उस समय मात्र एक हजार लेकर भीरा जाकर ईसाई धर्म स्वीकार किया था और आजतक अबतक थारू क्षेत्र के 1100 परिवार ईसाई धर्म अपना चुके हैं और दस चर्चों की स्थापना हो चुकी है देखें थारू क्षेत्र के चर्च की सूची।
कीरतपुर सेड़ाबेड़ा बजाही पिपरौला नझोटा सुंडा
बिरिया सोनाहा छिदिया पश्चिम
इन ईसाई बने थारुओं को दिमाग देने वाले लोग बहुत ही शातिराना प्रवर्ति के हैं। इन स्पष्ट निर्देश दिये जाते हैं कि आप अपने नाम के सामने राना का चौधरी ही लिखिये यदि आपने नाम के सामने पीटर, जॉन आदि लिख लिया तो आपकी अनुसूचित जनजाति की सुविधाओं को सरकार वापस ले सकती है।

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