Home उत्तर प्रदेश दु:खद समाचार:- डॉ अनिल तिवारी डायरेक्टर मां विंध्यवासिनी क्लासेज का आकस्मिक निधन, शिक्षको में शोक लहर

दु:खद समाचार:- डॉ अनिल तिवारी डायरेक्टर मां विंध्यवासिनी क्लासेज का आकस्मिक निधन, शिक्षको में शोक लहर

by Shrinews24
0 comment

दु:खद समाचार:- डॉ अनिल तिवारी डायरेक्टर मां विंध्यवासिनी क्लासेज का आकस्मिक निधन, शिक्षको में शोक लहर–

श्री न्यूज़ 24
अमित पाण्डेय
जौनपुर

मुंगरा बादशाहपुर के हरगोविंद खुराना थे डॉ. अनिल तिवारी- राकेश मिश्रा

प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट पर हुआ उनका अंतिम संस्कार-

मुंगराबादशाहपुर (जौनपुर)।

स्थानीय क्षेत्र के जीव विज्ञान में ख्याति प्राप्त शिक्षक डॉ. अनिल तिवारी का प्रयागराज के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनका आकस्मिक निधन हो गया। सहसा घटित इस घटना पर किसी को विश्वास नहीं हुआ परंतु यह हृदयविदारक दुर्घटना शिक्षा के क्षेत्र में उगते हुए सूरज के अचानक अस्त होने के स्वरूप में हुई।
डॉ तिवारी पिछले लगभग 20 वर्षों से कई शिक्षा संस्थानो में जीव विज्ञान के शिक्षक के रूप में प्रचलित होते हुए मुंगराबादशाहपुर में सरकारी अस्पताल के पीछे मां विंध्यवासिनी क्लासेज की स्थापना की जहॉं पर विज्ञान के छात्राओं को योग्य अन्य शिक्षकों के साथ शिक्षित कर रहे थे । प्रतापगढ जिले के सुवंसा कनौरा ग्राम निवासी तिवारी जी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा।इस हृदय विदारक घटना से शिक्षकों व छात्रों तथा क्षेत्र की जनता में शोक व्याप्त हो गया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार राकेश मिश्रा ने कहा कि डॉ अनिल तिवारी जी का आकस्मिक निधन एक ऐसी अपूरणीय क्षति है जिसे दशकों तक भरा नहीं जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि मुंगरा के हरगोविंद खुराना थे।डॉक्टर अनिल तिवारी जो विगत 20 वर्षों से शिक्षा जगत में एक अप्रतिम अलख जगाए हुए थे,नगर अथवा आस पास के ग्रामीणाचल में होने वाले सभी प्रकार के सामाजिक सरोकारों में वह बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते थे।शिक्षा जगत का कोई कार्यक्रम हो उनकी महनीय उपस्थिति अवश्य रहती थी।पर आज वह शिक्षा जगत का सूरज अस्त हो गया और शिक्षा जगत का गगन अंधकारमय हो गया है।
समाजसेवी शैलेंद्र साहू ने कहा कि जीवविज्ञान को आत्मसात करने के साथ साथ ही वह अति संवेदनशील, अति विनम्र, अति शिष्ट और सहयोगी प्रवृत्ति के थे। डायरेक्टर राजन सिंह ने गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं से उनका अभिभावक जैसा प्रेम था।फीस के लिए कभी भी किसी भी बच्चे को कक्षा से बाहर नहीं करते थे।क्या भूलूँ क्या याद करूँ बेटी श्रद्धा और भक्ति, सबसे छोटा बेटा नारायण और उनकी धर्मपरायण धर्मपत्नी सहित हम लोगों को अनाथ छोड़ गये। मेरी अश्रुपूरित दिव्यात्मा को श्रद्धांजलि दिया।उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज में दशाश्वमेध घाट पर किया गया।
अंतिम यात्रा में समाजसेवी शैलेंद्र साहू, डायरेक्टर राजन सिंह, सत्यदेव सिंह, ऋषभ मिश्रा, पिंटू सिंह, सुरेंद्र पांडे, रवि शुक्ला, गोपाल चौरसिया, राकेश मिश्रा, संतोष पांडे ,पत्रकार विक्की गुप्ता, पत्रकार फहीम अंसारी, समर बहादुर सिंह ,कृष्णा यादव, वीरू विश्वकर्मा, राकेश सिंह ,कामता यादव व राजेश प्रजापति आदि लोगों ने श्रद्धांजलि दी।

You may also like

Leave a Comment