Home उत्तर प्रदेश लखनऊ राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन किसानों द्वारा आयोजित काला दिवस के विरोध में मनाया धिक्कार दिवस

लखनऊ राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन किसानों द्वारा आयोजित काला दिवस के विरोध में मनाया धिक्कार दिवस

by Shrinews24
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लखनऊ राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन किसानों द्वारा आयोजित काला दिवस के विरोध में मनाया धिक्कार दिवस

श्री न्यूज 24 व दैनिक अदिति न्यूज तथा यू टयूब चैनल लखनऊ रायबरेली

प्रवीन सैनी लखनऊ

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन द्वारा सरकार के किसान हितैषी तीनो कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए उन बिलो के विरोध में अराजक किसान नेताओं एवं इनका साथ दे रहे राजनीतिक दलों के समर्थन से 26 मई घोषित ब्लैक डे की कड़ी निंदा करते हुए आंदोलनरत किसान
संगठनों के विरोध में आज धिक्कार दिवस मनाया गया राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा की छह माह से ये फ़र्ज़ी किसान नेता आढ़तीयो दलालों एवं विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के धन एवं सहयोग के सहारे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बॉर्डरों को बाधित किये हुए है हिंसा बलात्कार अराजकता फ़ैलाने का काम किया जा रहा है यह काम देश के अन्नदाता किसान के नाम पर किया जा रहा है राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन का स्पस्ट रूप से मानना है कि यह आंदोलन जो किसान के नाम पर चल रहा है राजनीति से प्रेरित है और किसान के नाम पर टिकेत बंधु अपनी निजी राजनैतिक इच्छापूर्ति करने के लिए भाजपा को ब्लैकमेल कर नरेश टिकेत एवं राकेश टिकेत राज्य सभा एवं लोकसभा के सांसद बनना चाह रहें इनका किसानों की भलाई से कोई मतलब नही यही कारण है की बार बार भाजपा नेताओं से कहते हैं की हमारा राजनीतिक क्या फ़ायदा होगा जबकि भाजपा अछी तरह जानती है कि इनका राजनीतिक कोई आधार नही है जो तीन तीन बार अपनी ज़मानत नही बचा पाए वो भाजपा का क्या भला कर पायेंगे भाजपा पहले से काफ़ी मज़बूत है उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्य्क्ष रामनिवास यादव ने नरेश टिकेत एवं राकेश टिकैत की आलोचना करते हुए कहा की टिकैत अपनी व्यक्तिगत राजनैतिक महत्वकांक्षाओ को पूरा करने के लिए किसान के नाम पर ढ़ोग कर रहें हैं केंद्र सरकार द्वारा बारह बार वार्ता करने के बाद भी केवल टिकैत एवं उसकी टोली ने वार्ता को किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने दिया भीषण कोरोना काल में किसानो के नाम पर भीड़ एकठा कर लोगो को नाहक खतरे में डालने का काम टिकैत कर रहे रामनिवास यादव ने कहा कि टिकैत का एक मात्र उद्देश्य राजनैतिक रोटी सेकने के अलावा कुछ नही है मैं देश के राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूँ कि इन भाईयों के चक्कर में न आएँ इनका ज़मीनी आधार कुछ भी नही तीन बार राकेश टिकेत चुनाव में उतरे ज़मानत नही बचा पाए वो आपका क्या भला कर पाएँगे देश का किसान इस बात को समझ गया है और अब तो इनके बुलाने पर इनके चेलों के अलावा कोई किसान नहीं आता है आज का इनका ब्लैक डे भी फ्लॉप शो में बदल गया है केवल विपक्षी पार्टी के नेता अपने घरो पर काले झंडे लगा रहे है हम इन से इससे ज्यादा उम्मीद भी नहीं कर सकते है आज राष्ट्रीय अन्नदाता यूनीयन के करकर्ताओं ने पूरे प्रदेश एवं देश में इनके काले दिवस मनाने के कार्यक्रम को फलाप कर दिया कहीं पर भी किसान भाइयों ने इनका साथ नही दिया

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