Home उत्तर प्रदेश डग्गामार निजी गाड़िया जरूरमंद यात्रियो से मनमाना किराया वसूलने संग जीवन से कर रही खिलवाड़

डग्गामार निजी गाड़िया जरूरमंद यात्रियो से मनमाना किराया वसूलने संग जीवन से कर रही खिलवाड़

by Shrinews24
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डग्गामार निजी गाड़िया जरूरमंद यात्रियो से मनमाना किराया वसूलने संग जीवन से कर रही खिलवाड़

श्री न्यूज24/दैनिक अदिति न्यूज
राजू सिंह
पलियाकलां/गौरीफंटा-खीरी

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए यूपी सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन के दौरान तहसील इलाका के ग्रामीणजनों संग नेपाल सीमा की रखवाली से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के साथ ही देश के महानगरों से यहां होकर वतन वापसी करने वाले नेपाली नागरिको व जनपद मुख्यालय आने-जाने व आवश्यक उपभोक्ता सामान की आपूर्ति में कोई दिक्कत न आये, इसके लिए आवागमन की सुबिधा उपलब्ध करवाने के लिए पलिया बस यूनियन ने कोविड गाइड लाइन का अनुपालन करके बसों का आवागमन शुरू किया जो अनावरत चल रही है।
जानकारी के अनुसार पलिया बस यूनियन द्वारा जिला मुख्यालय लखीमपुर संग मैलानी, खुटार गोला आदि के साथ ही नेपाल के सीमावर्ती गौरीफंटा, खजुरिया, संपूर्णानगर, निघासन आदि तहसील इलाका के प्रमुख कस्बो के लिए निजी बसें चल रही हैं। जबकि गौरीफंटा संग अन्य कस्बो से डग्गामार निजी गाड़ियां भी जरूरतमंद लोगों को उनके गंतब्य तक पहुंचाने में मनमाना किराया लेकर उनका आर्थिक शोषण करने के साथ उनके जीवन से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। इन डग्गामार निजी गाड़ियों के चलते कोविड गाइड लाइन के अनुसार चल रही निजी बसों को कम यात्रियों के होने से भरी घाटा उठाना पड़ रहा है।कभी कभार तो यात्रियों की संख्या बहुत कम होने पर भी बस गंतब्य तक भेज दी जाती है ऐसी दशा में कम किराया मिलने के बाद भी नागरिको की सुविधा के मद्देनजर यूनियन डीजल का पैसा लगाकर ब को गन्तव्य को रवाना करते हैं। इससे यात्री को सुविधा मिलती ही है, साथ मे वह डग्गामार निजी गाड़ियों की मनमानी किराया वसूली से भी बच जाते हैं।
बताया गया कि निजी डग्गामार गाड़ियों से कोतवाली पुलिस भी सुविधा शुल्क वसूल रही है।इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि डग्गामार गाड़ियां सिनेमा चौराहा बस अड्डा के आसपास ही गाड़ियां खड़ी करके यात्रियों को जबरन मनमाना किराया लेकर उनको गन्तव्य तक ले जाते हैं। इससे निजी बस मालिकानों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों ने बताया कि कभीकभार तो यात्रियो की गिनती बहुत कम होती है। तब नम्बर की लाइन वाली बस का चालक व परिचालक अपना नम्बर कटवाकर बस नही ले जाते हैं। तब इस नुकसान की भरपाई में यूनियन यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए डीजल की धनराशि पीछे नम्बर की बस को देकर कम यात्रियो को ही गंतव्य के लिए भेज देते हैं। जिसमे खासकर गौरीफंटा जाने वाली नम्बर की बस संग निघासन, खजुरिया, मैलानी आदि प्रमुख कस्बो को जाने वाली बस के साथ होता है। यात्रियों की सुविधा उपलव्ध कराने की नीयत से यूनियन की चल रही निजी बसे लगातार नुकसान में चल रही हैं। इससे बस मालिकानों को घाटा उठाना पड़ रहा है।इससे नाराज कई बस मालिकानों ने डीएम संग आरटीओ को पत्र भेजकर अवैध रूप से चल रहे डग्गामार निजी गाड़ियों की जांच कर उनको नियमानुसार कार्यवाही करवाए जाने की मांग की है।
तहसील इलाका के ग्रामीण इलाक़ा के नागरिकों संग प्रमुख कस्बो के व्यापारियों ने बताया कि जरुरत उपभोक्ता सामान पलिया नगर से ही आपूर्ति होती है। अगर बसें न चल रही होती तो गावो में आवश्यक सामान की होने वाली किल्लत से ग्रामीणों के घर चूल्हे नही जलते इससे उनको भूखे पेट सोना पड़ता। उधर नेपाल सीमा की रखवाली में लगे एसएसबी के जवानों संग दुधवा नेशनल पार्क की निगरानी में लगे गौरीफंटा बॉर्डर के तमाम कर्मचारियों ने बताया कि निजी बसों से नेपाल के नागरिक आसानी से मुनासिब खर्च में वतन वापसी कर रहे हैं, इसके अलावा सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों को आवश्यक सामान पलिया से लाने में सहूलियत होती है। अगर बसों का आवागमन बन्द होता तो निजी वाहन अथवा मोबाइक आदि से आवश्यक घरेलू उपभोक्ता सामान पलिया से मंगवाना पड़ता इसमें अधिक खर्च के साथ जंगल का खतरा भी उठाना पड़ता।नेपाली नागरिको ने भी निजी डग्गामार वाहनों के संचालको पर मनमाना किराया वसूलने संग निर्धारित यात्रियों से दोगुना यात्रियो को गाड़ी में भरने का आरोप लगया है।इस तरह निजी फायदे के लिए डग्गामारी में चलने वाली निजी गाड़ियां बस मालिकानों को जहां नुक़सान पहुँचा रही हैं। वही क्षमता से अधिक यात्रियो को भरने से कोरोना संक्रमण को बढ़ावा देने का काम भी कर रही हैं।उधर गौरीफंटा बॉर्डर के सरकारी दफ्तरों के अधिकारियों एसएसबी कर्मचारियों संग वतन वापसी कर रहे नेपाली नागरिको की सुविधाओ के मद्देनजर बस संचालन की जा रही पहल की भरपूर सराहना की है।

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